नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उठापटक के बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी आज दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में करीब 20 असंतुष्ट TMC सांसदों के शामिल होने की संभावना है। इस मुलाकात को राज्य की सियासत में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य बागी सांसदों के रुख को समझना और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करना है। TMC के इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपनाते हुए लोकसभा में अलग गुट के रूप में मान्यता की मांग की है। बागी खेमे का दावा है कि बड़ी संख्या में सांसद उनके साथ हैं।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर बागी सांसदों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर अध्यक्ष से कार्रवाई में तेजी लाने का आग्रह किया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह घटनाक्रम दल-बदल कानून और लोकसभा में संख्या बल के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि बागी सांसदों की संख्या दो-तिहाई के आंकड़े तक पहुंचती है, तो उन्हें दल-बदल कानून के तहत राहत मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अंतिम फैसला संवैधानिक प्रावधानों और लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय पर निर्भर करेगा।
भाजपा की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। वहीं, TMC ने अपने सांसदों से पार्टी के साथ बने रहने की अपील की है और बगावत के दावों को चुनौती दी है।
दिल्ली में होने वाली शुभेंदु अधिकारी और बागी सांसदों की यह बैठक पश्चिम बंगाल की राजनीति में आगे की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस मुलाकात के बाद सामने आने वाले राजनीतिक फैसलों पर टिकी है।





