नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग पोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका में स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री आयोजनों में भाग लेने के बाद अब अपनी अगली यात्रा के लिए पुर्तगाल रवाना हो गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जहाज ने अमेरिका के बोस्टन बंदरगाह से प्रस्थान किया और अब उसका अगला पड़ाव पुर्तगाल के अज़ोरेस द्वीप समूह स्थित पोंटा डेलगाडा होगा।
आईएनएस सुदर्शिनी ने अमेरिका में आयोजित SAIL 250 और अन्य समुद्री आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान जहाज ने विभिन्न देशों के 60 से अधिक पारंपरिक नौकायन पोतों के साथ ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में हिस्सा लिया। भारतीय तिरंगा लहराते हुए इस पोत ने भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और नौसैनिक परंपरा का प्रदर्शन किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा ‘लोकायन-26’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य समुद्री कूटनीति को बढ़ावा देना, मित्र देशों के साथ सहयोग मजबूत करना तथा भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है।
अमेरिका प्रवास के दौरान जहाज ने नॉरफॉक, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क और बोस्टन सहित कई प्रमुख बंदरगाहों का दौरा किया। इन पड़ावों पर भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने विभिन्न देशों की नौसेनाओं के साथ पेशेवर संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समुद्री सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे भारत-अमेरिका समुद्री साझेदारी को भी मजबूती मिली।
पुर्तगाल की यात्रा के साथ आईएनएस सुदर्शिनी का अंतरमहासागरीय अभियान आगे बढ़ेगा। भारतीय नौसेना का कहना है कि यह पोत विश्व के विभिन्न देशों में भारत का ‘समुद्री सद्भावना दूत’ बनकर समुद्री सहयोग, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता रहेगा।





