नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में जारी गतिरोध गुरुवार को भी खत्म नहीं हुआ। विपक्ष के जोरदार विरोध प्रदर्शन के चलते मानसून सत्र की कार्यवाही लगातार चौथे दिन प्रभावित रही। विपक्षी दलों ने मामले पर तत्काल चर्चा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए हंगामा किया। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री से जिम्मेदारी तय करने की मांग दोहराई है। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित गड़बड़ियों ने छात्रों के विश्वास को प्रभावित किया है। वहीं, सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। दोनों पक्षों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात करना पड़ा।
इस बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लाने और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की दिशा में कदम उठाने का संकेत दिया है। सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
NEET विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और युवाओं के प्रदर्शन जारी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसी मुद्दे को लेकर 26 दिनों तक अनशन किया था, जिसे केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने समाप्त किया।
संसद में जारी गतिरोध के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं, ताकि NEET विवाद पर सदन में औपचारिक चर्चा आगे बढ़ सके।





