नई दिल्ली। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों ने विश्व की पहली सर्व-महिला त्रि-सेवा समुद्री परिक्रमा (सर्कमनैविगेशन) सफलतापूर्वक पूरी कर इतिहास रच दिया। 314 दिनों तक चली इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में दल ने लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय करते हुए चार महासागरों और तीन प्रमुख केप्स को पार किया। यह अभियान मुंबई पहुंचने के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटियों का साहस समुद्र की ऊंची लहरों से भी ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल नौसैनिक कौशल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं के आत्मविश्वास, धैर्य और अदम्य संकल्प का प्रतीक है। यह सफलता देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत की महिलाएं अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करतीं, बल्कि स्वयं अवसरों का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्त योगदान का प्रमाण बताते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कठिन समुद्री परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और लंबी यात्रा के बावजूद दल ने साहस और अनुशासन का परिचय देते हुए मिशन को सफल बनाया। इस उपलब्धि से भारत ने वैश्विक समुद्री अभियानों में भी अपनी नई पहचान स्थापित की है।





