देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। राज्य के तीन जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ समय तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि भूस्खलन या मलबा आने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
राज्य के कई इलाकों में पहले से ही बारिश के कारण सड़कें प्रभावित हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर ढलानों पर भूस्खलन की संभावना अधिक रहती है, जिससे यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है। संबंधित विभागों को जेसीबी और अन्य संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान उत्तराखंड में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कम समय में तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने सभी जिलों को आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे।
उत्तराखंड में लगातार बदलते मौसम के बीच लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।





