नई दिल्ली। देश में सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा भारत टैक्सी को विस्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल की टैक्सी सेवाओं को भारत टैक्सी से जोड़ने को लेकर पहल की गई है। इस कदम का उद्देश्य टैक्सी चालकों को सेवा प्रदाता के साथ-साथ कंपनी के स्वामित्व में भागीदार बनाना है।
भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस मॉडल के तहत चालक यानी ‘सारथी’ को कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदारी और स्वामित्व का अवसर देने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे पारंपरिक टैक्सी सेवाओं में चालकों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
अमित शाह ने भारत टैक्सी की अवधारणा को ‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर आधारित बताया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य मेहनत करने वालों को लाभ में भागीदारी दिलाना है। भारत टैक्सी के जरिए ड्राइवरों को बीमा, आसान ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी रखी गई है।
पश्चिम बंगाल के टैक्सी चालकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के फैसले को राज्य में परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों तक पहुंच बनाने और बेहतर आय के अवसर मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार भारत टैक्सी केवल एक कैब सेवा नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के जरिए रोजगार और स्वामित्व बढ़ाने की पहल है। इस सेवा को देशभर के शहरों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत टैक्सी में ‘सारथी दीदी’ जैसी पहल भी प्रस्तावित है, जिसके तहत महिला चालकों को प्रोत्साहन देने और महिला यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि यह मॉडल निजी कैब कंपनियों के मुकाबले चालकों को अधिक अधिकार और आर्थिक सुरक्षा देने में मदद करेगा। वहीं, विपक्ष और परिवहन क्षेत्र के कुछ संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि इस योजना का जमीनी स्तर पर टैक्सी चालकों को कितना लाभ मिलता है।





