वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब और गंभीर हो गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इन हमलों की पुष्टि की है। वहीं, तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो क्षेत्र में कोई भी सीमा सुरक्षित नहीं रहेगी।
अमेरिकी हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ढांचों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। हालांकि, हमलों से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
उधर, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका के लगातार हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं। ईरान की ओर से अमेरिकी सहयोगी देशों और ठिकानों को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
इस संघर्ष का असर मध्य-पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील कर रहा है। लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के सख्त रुख के कारण तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।





