नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों के सबसे बड़े सैन्य सुधारों में शामिल एकीकृत थिएटर कमांड (Integrated Theatre Command) योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब दो दशक से लंबित इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इसका अंतिम खाका सौंपेंगे।
योजना के लागू होने के बाद थल सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों तथा अभियानों का संचालन अलग-अलग के बजाय एकीकृत कमांड के तहत किया जाएगा। इससे युद्ध के दौरान तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, तेज निर्णय और संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव होगा।
प्रस्ताव के अनुसार, देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग थिएटर कमांड गठित किए जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों और रणनीतिक चुनौतियों के अनुसार तय होगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था भविष्य के बहुआयामी युद्धों और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारतीय सेनाओं की क्षमता को और मजबूत करेगी।
कारगिल युद्ध के बाद इस अवधारणा पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन विभिन्न स्तरों पर लंबे समय तक चर्चा और तैयारी के बाद अब यह योजना अमल के करीब पहुंच गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसे भारतीय सैन्य ढांचे में स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा संरचनात्मक सुधार माना जा रहा है।





