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‘भविष्य की जंग AI से लड़ी जा सकती है, लेकिन जीतेंगे सैनिक’ : INS महेंद्रगिरि के साथ नौसेना को मिली नई ताकत

विशाखापत्तनम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्धों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ेगी, लेकिन किसी भी युद्ध में अंतिम जीत प्रशिक्षित सैनिकों, मजबूत सैन्य क्षमता और राष्ट्र के अटूट संकल्प से ही तय होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई तकनीकें पारंपरिक सैन्य शक्ति का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी पूरक हैं।

रक्षा मंत्री यह बात भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरि के नौसेना में शामिल किए जाने के अवसर पर विशाखापत्तनम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारत को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को भी लगातार मजबूत करना होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आईएनएस महेंद्रगिरि का नौसेना में शामिल होना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी युद्धपोत निर्माण क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह आधुनिक स्टील्थ युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की रणनीतिक पहुंच और समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह युद्धपोत भारत की ‘ब्लू वॉटर नेवी’ की क्षमता को और सशक्त करेगा।

उन्होंने सैनिकों से भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से लगातार तैयार रखने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलते युद्ध स्वरूप में तकनीक महत्वपूर्ण है, लेकिन साहस, अनुशासन और मानव क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

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