नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक टिप्पणी के बाद भारत में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध की सराहना करते हुए कहा कि भारत भी इस मॉडल से सीख ले रहा है। इसके बाद देश में फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु-आधारित प्रतिबंध लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला या प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है। सरकार ने केवल यह संकेत दिया है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल लत जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में आयु-आधारित नियमों पर चर्चा संभव मानी जा रही है।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया दुनिया के उन पहले देशों में शामिल है, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर कड़े नियम लागू किए हैं। इस कानून का उद्देश्य बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन सामग्री, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया की लत से बचाना है। कई अन्य देश भी इसी तरह के नियमों पर विचार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में भी इस तरह का कोई कानून लाया जाता है तो सोशल मीडिया कंपनियों को आयु सत्यापन (Age Verification) जैसी व्यवस्था लागू करनी पड़ सकती है। फिलहाल सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री के बयान के बाद इस विषय पर नीति निर्माण की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।





