वॉशिंगटन। भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपने पहले अंतरिक्ष मिशन पर रवाना होंगे। यह मिशन करीब आठ महीने का होगा, जिसके दौरान वे अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान और कई महत्वपूर्ण प्रयोगों में हिस्सा लेंगे।
49 वर्षीय अनिल मेनन कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रॉसकॉसमॉस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान के जरिए उड़ान भरेंगे। इस मिशन में उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकीना भी शामिल होंगे। यह मेनन की पहली अंतरिक्ष उड़ान होगी।
मिशन के दौरान अनिल मेनन लंबी अवधि के अंतरिक्ष प्रवास, मानव स्वास्थ्य, नई चिकित्सा तकनीकों और उन्नत सामग्री से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इसके अलावा, अंतरिक्ष स्टेशन के पेयजल सिस्टम से आईवी (IV) फ्लूइड तैयार करने जैसी नई तकनीकों का भी परीक्षण किया जाएगा, जो भविष्य के लंबी अवधि वाले अंतरिक्ष अभियानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
अनिल मेनन पेशे से आपातकालीन चिकित्सक (इमरजेंसी फिजिशियन) हैं और अंतरिक्ष चिकित्सा के विशेषज्ञ भी रहे हैं। नासा से जुड़ने से पहले उन्होंने स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन के रूप में भी कार्य किया था। उनके इस मिशन को भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।





