जोधपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर के डॉक्टरों ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए सात वर्षीय बच्चे के शरीर से 3.7 किलोग्राम वजनी कैंसरग्रस्त ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई। इस दुर्लभ ऑपरेशन को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, बच्चा लंबे समय से पेट में असामान्य सूजन और लगातार दर्द की समस्या से जूझ रहा था। जांच के दौरान उसके शरीर में बड़ा कैंसरग्रस्त ट्यूमर पाया गया। ट्यूमर का आकार और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों से उसकी निकटता को देखते हुए सर्जरी बेहद जोखिमपूर्ण थी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर ऑपरेशन किया और सफलतापूर्वक पूरे ट्यूमर को बाहर निकाल दिया। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से बच्चे को नया जीवन मिला है।
एम्स जोधपुर के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों में इस आकार का ट्यूमर अत्यंत दुर्लभ होता है। ऐसे मामलों में सटीक जांच, अनुभवी सर्जिकल टीम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अस्पताल ने इस सफल सर्जरी को संस्थान की विशेषज्ञता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों में पेट की असामान्य सूजन, लगातार दर्द, वजन घटना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों का सफल इलाज संभव है।





