नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) सहित एनडीए के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
एनडीए नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाने और नियमों की अनदेखी करने की शिकायतें मिली हैं। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानून के अनुरूप चल रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष बिना किसी ठोस आधार के चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाया जा रहा है।
राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर पहले भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है। विपक्ष लगातार प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, जबकि राज्य सरकार और निर्वाचन प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जा रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब निगाहें निर्वाचन आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह विपक्ष की शिकायतों पर क्या निर्णय लेता है।





