नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में बीती रात मौसम ने करवट बदली और तेज आंधी-तूफान के साथ भीषण प्री-मानसून बारिश हुई। अचानक हुई इस मूसलाधार बरसात के कारण जहां स्थानीय लोगों की नींद उड़ गई, वहीं गर्मी से राहत मिलने के साथ ही शहर की प्रसिद्ध नैनी झील के जलस्तर में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इस तेज बारिश और आंधी की वजह से कई मुख्य रास्तों पर पेड़ गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
90 मिमी रिकॉर्ड बारिश और नैनी झील का बढ़ा जलस्तर
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शहर में रातभर में कुल 90 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इस जबरदस्त बरसात की वजह से नैनी झील का जलस्तर करीब 5 इंच बढ़कर 79.1 फीट तक पहुंच गया है। इसके अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में हुई इस बारिश से आसपास के तमाम प्राकृतिक जलस्रोत भी फिर से रिचार्ज होने लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में पानी की किल्लत दूर होने की उम्मीद है।
सड़कों पर पेड़ गिरे, यातायात हुआ ठप
तेज आंधी और भारी बारिश के कारण हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे और नैनीताल-पंगोट मार्ग पर भारी भरकम पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। इसके चलते दोनों मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सुबह घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मचारियों ने हल्द्वानी रोड पर गिरे पेड़ों को काटा, जबकि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पंगोट मार्ग पर बुलडोजर लगाकर मलबे और पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ कराया।
नालों की सफाई की खुली पोल, झील में समाया कचरा
इस पहली ही भारी बारिश ने नगरपालिका और सिंचाई विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के नाले उफनाने के कारण भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बाबंद पानी के खाली डिब्बे और निर्माण सामग्री का मलबा बहकर सीधे नैनी झील में समा गया। तल्लीताल डांठ के पास झील की सतह पर कचरे का अंबार लग गया, जिसे हटाने के लिए नगरपालिका ने युद्ध स्तर पर सफाई अभियान शुरू किया और शुरुआती कुछ घंटों में ही करीब दो केंटर (गाड़ी) मलबा बाहर निकाला गया।





