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भारत-चीन व्यापार वार्ता तेज, राजदूत डोराइस्वामी ने चीनी अधिकारी से की अहम मुलाकात

नई दिल्ली/बीजिंग। भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली है। भारत के राजदूत विक्रम डोराइस्वामी ने बीजिंग में चीन के वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्यिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार, यह बैठक द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को सामान्य करने और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया तथा भविष्य में संवाद को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान भारत और चीन के बीच मौजूदा व्यापार ढांचे, आपूर्ति श्रृंखला, और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मा और कृषि जैसे क्षेत्रों में अधिक पहुंच और अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां भारत की मजबूत उपस्थिति मानी जाती है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में सीमा तनाव के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन अब धीरे-धीरे आर्थिक और कूटनीतिक संवाद को पुनः गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में यह बैठक दोनों देशों के बीच स्थिर और व्यावहारिक संबंधों की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, भारत-चीन व्यापार लगातार बढ़ा है, हालांकि भारत का व्यापार घाटा चीन के साथ अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारत लंबे समय से चीन से अपने बाजारों को और अधिक खोलने की मांग करता रहा है, ताकि दोनों देशों के बीच संतुलित व्यापारिक संबंध स्थापित हो सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय बातचीत दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही यह संकेत भी देता है कि भारत और चीन धीरे-धीरे अपने मतभेदों को अलग रखते हुए आर्थिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

फिलहाल दोनों देशों के बीच संवाद जारी है और आने वाले समय में व्यापारिक संबंधों में और प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।

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