नई दिल्ली। देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SSBSK)’ की शुरुआत की है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए eSushrut@Clinic, राष्ट्रीय ड्रग रजिस्ट्री और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य पहल भी लॉन्च की गईं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद के 16वें सम्मेलन के दौरान इन पहलों का शुभारंभ किया।
सरकार के अनुसार, समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य जन्म से लेकर बचपन तक बच्चों के समग्र स्वास्थ्य, पोषण, विकास और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम विभिन्न मौजूदा योजनाओं को एकीकृत कर बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ड्रग रजिस्ट्री भी लॉन्च की, जो देशभर में दवाओं से संबंधित जानकारी का एक मानकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगी। इसके माध्यम से दवाओं की पहचान, भंडारण और विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच सूचना के आदान-प्रदान में एकरूपता सुनिश्चित की जाएगी। यह रजिस्ट्री आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत विकसित की गई है और इसमें हजारों जेनेरिक तथा लाखों ब्रांडेड दवाओं का डेटाबेस शामिल है।
इसके अलावा, छोटे क्लीनिकों के लिए विकसित eSushrut@Clinic प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया। यह एक डिजिटल हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसकी मदद से मरीजों के रिकॉर्ड, उपचार और क्लीनिक संचालन को डिजिटल तरीके से संचालित किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे छोटे स्वास्थ्य केंद्र भी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से आसानी से जुड़ सकेंगे।
सम्मेलन के दौरान आरोग्य सेतु 2.0, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) और आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया। सरकार का दावा है कि इन पहलों से नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को बढ़ावा मिलेगा और देश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी तथा तकनीक-सक्षम बनेगी।





