देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और भर्ती नेटवर्क चलाने वाले एक अंतरराज्यीय मॉड्यूल का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें एक संगठित नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। जांच में सामने आया है कि यह गतिविधियां केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसका दायरा अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया ऐप्स और एन्क्रिप्टेड चैटिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क में रहता था और युवाओं को विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास करता था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के तार विदेशों में बैठे कथित हैंडलर्स से जुड़े हो सकते हैं।
एसटीएफ ने बताया कि तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनकी विस्तृत फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इनसे यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि नेटवर्क का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और एसटीएफ की टीमें अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में राज्य के भीतर और बाहर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर माध्यम से फैल रहे कट्टरपंथी नेटवर्क पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के वित्तीय और तकनीकी स्रोत क्या थे तथा किन माध्यमों से युवाओं को जोड़ा जा रहा था। मामले को गंभीर मानते हुए आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।





