हल्द्वानी शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक, गौलापार ट्रंचिंग ग्राउंड में सालों से जमा कूड़े के पहाड़ों से अब हल्द्वानी को हमेशा के लिए निजात मिलने जा रही है। नगर निगम ने इस दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम उठाया है।
9 करोड़ की लागत से हटेगा 15 साल पुराना लेगेसी वेस्ट
- हल्द्वानी के गौलापार स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में पिछले लगभग 15 वर्षों से जमा करीब 1.75 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) को पूरी तरह साफ करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
- नगर निगम हल्द्वानी ने इस विशालकाय कूड़े के पहाड़ के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए दिल्ली की एक विशेषज्ञ कंपनी का चयन कर लिया है और लेगेसी प्लांट लगाने की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
- इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 9 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसके तहत ट्रंचिंग ग्राउंड में जमा वर्षों पुराने कचरे को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह से प्रोसेस कर हटाया जाएगा।
कचरे से खाद बनाने का काम हुआ शुरू
- इस निस्तारण योजना के तहत एक फर्टिलाइजर कंपनी ने ट्रंचिंग ग्राउंड के गीले कचरे को प्रोसेस करके जैविक कंपोस्ट खाद बनाना शुरू कर दिया है।
- कंपनी द्वारा तैयार की जा रही इस खाद का उपयोग कृषि और बागवानी के लिए किया जा सकेगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कचरे का सही सदुपयोग सुनिश्चित होगा।
- कचरे के अलग-अलग वर्गीकरण के दौरान निकलने वाले कपड़े और पॉलिथीन जैसे सूखे अपशिष्ट को रिसाइक्लिंग के लिए संबंधित फैक्ट्रियों में भेजा जाएगा।
- इसके अलावा, निस्तारण प्रक्रिया के बाद जो मिट्टी या इनर्ट (निष्क्रिय अवशेष) सामग्री बचेगी, उसका इस्तेमाल खाली पड़े गड्ढों और सड़कों के भरान (Filling) के लिए किया जाएगा।
हर दिन आने वाले नए कूड़े के लिए भी अलग मशीन
- नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, ट्रंचिंग ग्राउंड में सिर्फ पुराना ही नहीं, बल्कि हर दिन आने वाले लगभग 220 मीट्रिक टन नए (फ्रेश) कूड़े के निस्तारण के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
- प्रतिदिन आने वाले नए कचरे में से सूखा और गीला कूड़ा उसी समय अलग करने के लिए वहां एक अन्य विशेष मशीन स्थापित की जा रही है।
- इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में दोबारा ट्रंचिंग ग्राउंड में कचरे का कोई नया पहाड़ खड़ा न हो सके और रोजाना का कूड़ा रोजाना ही प्रोसेस हो जाए।
खाली जमीन पर एनटीपीसी लगाएगा चारकोल प्लांट
- कूड़े के निस्तारण के बाद ट्रंचिंग ग्राउंड की लगभग 10 एकड़ बहुमूल्य भूमि पूरी तरह से खाली हो जाएगी।
- नगर निगम हल्द्वानी ने योजना बनाई है कि इस खाली होने वाली जमीन पर भविष्य में ‘कचरे से चारकोल (कोयला) बनाने’ का एक अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किया जाएगा।
- इसके लिए नगर निगम ने नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के साथ पहले ही एक अनुबंध (Agreement) साइन कर लिया है, जो शहर के स्थायी कूड़ा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगा।
स्थानीय जनता और पर्यावरण को मिलेगी बड़ी राहत
- गौलापार में सालों से जमा इस डंपिंग यार्ड के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों में बदबू, प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता था, जिससे स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान थे।
- अब इस कचरा निस्तारण और खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को दूषित हवा और भूजल प्रदूषण से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।





