नई दिल्ली। भारत और इज़राइल के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने के लिए इज़राइल में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक स्थापित किया जाएगा। यह पहल भारत के डिप्लोमेटिक मिशन और स्थानीय भारतीय समुदाय की ओर से की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, स्मारक की स्थापना का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसे इज़राइल की राजधानी या प्रमुख शहर में लगाया जाएगा, जहां भारतीय समुदाय और पर्यटक आसानी से देख सकेंगे। यह पहली बार होगा जब भारत के किसी मराठा सम्राट का स्मारक इस देश में स्थापित किया जाएगा।
भारत के विभिन्न हिस्सों में छत्रपति शिवाजी महाराज को वीरता, नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। उनकी जीवनी और कृतित्व को देखकर दुनियाभर में उनके साहस और दूरदर्शिता की सराहना होती है। इस स्मारक के जरिए इज़राइल में भारतीय संस्कृति और इतिहास की जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय दूतावास ने बताया कि स्मारक की डिजाइनिंग और निर्माण कार्य में भारतीय शिल्पकार और कलाकार भी सहयोग कर रहे हैं। स्मारक में शिवाजी महाराज की पारंपरिक सवारी और उनके युद्धकला के प्रतीकात्मक चित्रण शामिल होगा। यह परियोजना दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी का प्रतीक मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल विदेश में भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक प्रतीकों की पहचान को मजबूत करती है। यह स्मारक न केवल भारतीय नागरिकों बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
स्मारक स्थापना समारोह में भारत और इज़राइल के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत का आयोजन भी किया जा सकता है, ताकि स्थानीय लोगों को भारत की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी जा सके।
भारत और इज़राइल के बीच व्यापार, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग तो पहले से ही मजबूत है, लेकिन इस तरह के सांस्कृतिक कदम दोनों देशों के बीच दोस्ताना और साझेदारी के रिश्तों को और मजबूती देंगे।
इस परियोजना से भारतीय समुदाय को गर्व का अनुभव होगा और यह भारत की संस्कृति को विदेश में व्यापक रूप से पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।





