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देश में इथेनॉल क्रांति की तैयारी, दिसंबर तक खुलेंगे 500 इथेनॉल पंप; 2027 तक 5000 का लक्ष्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा और ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देशभर में दिसंबर 2026 तक करीब 500 इथेनॉल डिस्पेंसिंग स्टेशन (E100) स्थापित किए जाएंगे, जबकि वर्ष 2027 के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 5000 करने का लक्ष्य रखा गया है।

हरदीप पुरी ने यह घोषणा भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में 50 से 100 इथेनॉल पंप शुरू किए जा रहे हैं। इसके बाद पूरे देश में इनका तेजी से विस्तार किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने से देश का आयातित कच्चे तेल पर खर्च कम होगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। वर्तमान में भारत पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है, जिससे विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत हुई है।

उन्होंने बताया कि यदि देश में बिकने वाले नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों का बड़ा हिस्सा फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक अपनाता है, तो इथेनॉल की मांग में भारी वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है।

सरकार इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, भंडारण सुविधाओं और वितरण नेटवर्क को भी मजबूत कर रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को जागरूक करने और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल पंपों का यह विस्तार भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

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