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मतदाता पहचान सत्यापन में नई शर्तें: ERO नोटिस के बाद अब स्वयं और माता-पिता के दस्तावेज जमा करना जरूरी

देहरादून: निर्वाचन आयोग ने मतदाता पहचान (Voter ID) और मतदाता सूची में सुधार के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आगामी SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाताओं को अब स्वयं के साथ-साथ अपने माता-पिता के दस्तावेज भी जमा करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

सूत्रों के अनुसार, यह कदम मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाने और गलत या डुप्लीकेट नामों को हटाने के उद्देश्य से उठाया गया है। निर्वाचन क्षेत्र अधिकारी (ERO) के नोटिस के बाद, जिन मतदाताओं की जानकारी अधूरी या संदिग्ध पाई जाएगी, उन्हें आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जाएगा।

नागरिकों को अपने पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड या पासपोर्ट) के साथ-साथ माता-पिता के पहचान दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। यह प्रक्रिया खासकर उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होगी जिनके नाम पहली बार जोड़े जा रहे हैं या जिनकी सूची में त्रुटियां पाई गई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने में मदद करेगा। इससे भविष्य में चुनाव प्रक्रिया में धोखाधड़ी या अनुचित वोटिंग की संभावना भी कम होगी।

निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे नोटिस मिलने पर समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा करें। उन्होंने चेताया कि अगर दस्तावेज समय पर नहीं जमा किए गए तो मतदाता का नाम सूची में संशोधित नहीं किया जा सकता, जिससे मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

इस नई प्रक्रिया के तहत मतदाता सत्यापन अभियान को और तीव्र गति देने की तैयारी की जा रही है। राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में ERO इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष शिविर और ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराएंगे।

कुल मिलाकर, मतदाता पहचान सत्यापन में यह नया नियम नागरिकों के लिए जिम्मेदारी बढ़ाने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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