देहरादून: आशीष चौहान ने जिले का कार्यभार संभालने के बाद शहर की प्रमुख चुनौतियों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर अपनी रूपरेखा स्पष्ट की है। एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि देहरादून के संतुलित और सतत विकास के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
नए जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में बढ़ता शहरीकरण, ट्रैफिक व्यवस्था, जलभराव, अवैध अतिक्रमण और आपदा प्रबंधन जैसी समस्याएँ प्रमुख चुनौती के रूप में सामने हैं। इन सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और शहर की व्यवस्थाएँ अधिक प्रभावी बन सकें।
उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके लिए जनसुनवाई प्रणाली को प्रभावी करने के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा।
डीएम ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। शहर में चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को रोका जा सके।
आपदा प्रबंधन को लेकर उन्होंने विशेष रूप से सतर्क रहने की बात कही और कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जाएगी।
इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी प्रशासन का फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि देहरादून को एक बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जाए।
नए डीएम की यह रूपरेखा प्रशासनिक सक्रियता और नागरिक सुविधाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।





