नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक जानकारी साझा की है। केंद्र सरकार ने रविवार को आधिकारिक रूप से बताया कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज के साथ किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। सरकार की मुस्तैदी के चलते अब तक 2,084 से अधिक नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: पिछले 24 घंटों में 75 नाविकों की वापसी
जहाजरानी महानिदेशालय (DG Shipping) के माध्यम से सरकार ने नाविकों की घर वापसी के अभियान को तेज कर दिया है।
- निरंतर वापसी: पिछले 24 घंटों के दौरान 75 और भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। इसके साथ ही सुरक्षित बचाए गए और वापस लाए गए नाविकों की कुल संख्या अब 2,084 तक पहुंच गई है।
- सामान्य परिचालन: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सामान्य रूप से चल रहा है और समुद्री व्यापार पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है।
कंट्रोल रूम और कूटनीतिक तालमेल: चौबीसों घंटे निगरानी
सरकार ने नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया है, जो बिना रुके काम कर रहा है।
- संपर्क का जरिया: इस कंट्रोल रूम की शुरुआत से अब तक कुल 6,053 कॉल और 12,787 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए हैं। अकेले पिछले 24 घंटों में ही सहायता के लिए 80 कॉल और 112 ईमेल आए हैं, जिनका त्वरित समाधान किया गया।
- अंतर-मंत्रालयी सहयोग: जहाजरानी मंत्रालय इस पूरे मिशन के लिए विदेश मंत्रालय (MEA), विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है।
भारतीय मिशनों की सक्रियता और सुरक्षा परामर्श
खाड़ी देशों में स्थित भारतीय दूतावास और उच्चायोग स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं।
“पूरे क्षेत्र में भारत के मिशन भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क में हैं। उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से आवश्यक परामर्श (Advisory) जारी किए जा रहे हैं और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।” — केंद्र सरकार का आधिकारिक बयान





