Top 5 This Week

Related Posts

लोकतंत्र का उत्सव: असम, केरल और पुदुचेरी में ‘बंपर’ वोटिंग; असम और पुदुचेरी में टूटा मतदान का सर्वकालिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली/गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम। भारत के तीन प्रमुख क्षेत्रों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी—में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की प्रक्रिया गुरुवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस बार मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, असम और पुदुचेरी में अब तक का सबसे अधिक (Highest Ever) मतदान दर्ज किया गया है। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है, जिसका फैसला आगामी 4 मई को नतीजों के साथ होगा।

असम: 85% से अधिक मतदान के साथ ‘ऐतिहासिक’ भागीदारी

असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने भारी संख्या में घर से बाहर निकलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

  • रिकॉर्ड मतदान: असम में अनुमानित 85.73% मतदान दर्ज किया गया है, जो 2021 के 82.04% के आंकड़े को पार कर गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि राज्य ने भाषा और जाति के बंधनों से ऊपर उठकर लोकतंत्र के उत्सव में भाग लिया है।
  • सीटों का समीकरण: 126 सीटों पर कुल 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है।

पुदुचेरी: 90% के करीब पहुँचा वोटिंग प्रतिशत; बना नया इतिहास

पुदुचेरी के मतदाताओं ने इस बार पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहां मतदान का प्रतिशत किसी भी अन्य चुनावी राज्य की तुलना में सबसे अधिक रहा।

  • सर्वकालिक उच्च स्तर: पुदुचेरी में शाम तक लगभग 89.87% मतदान दर्ज किया गया, जो केंद्र शासित प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक वोटिंग प्रतिशत है।
  • महिला मतदाताओं का दबदबा: पुदुचेरी की 30 सीटों पर महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक देखी गई, जो यहां की जागरूक राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है।

केरल: पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन; 78% से ज्यादा वोटिंग

केरल की 140 विधानसभा सीटों पर भी मतदान का ग्राफ 2021 के मुकाबले ऊपर चढ़ा है।

  • बढ़ता उत्साह: केरल में लगभग 78.27% मतदान हुआ है, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 76% के आसपास था।
  • हाई-वोल्टेज मुकाबला: एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच कड़े मुकाबले के बावजूद मतदाताओं ने लंबी कतारों में लगकर अपने अधिकार का प्रयोग किया। कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का स्तर 80% के पार भी पहुँचा है।

Popular Articles