हल्द्वानी से गैस आपूर्ति व्यवस्था में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के कड़े रुख के बाद तीन गैस एजेंसी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
घटना का विवरण:
- कालाबाजारी का खुलासा: हल्द्वानी के डहरिया क्षेत्र में इंडेन गैस के आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा सिलेंडरों की कालाबाजारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
- पकड़ी गई लापरवाही: सोमवार को यह देखा गया कि गैस एजेंसी के कर्मचारियों ने बिना ‘खाली सिलेंडर’ लिए ही 10 भरे हुए सिलेंडर एक फोटो स्टूडियो के पास छोड़ दिए थे। यह सीधा उल्लंघन है क्योंकि नियमानुसार खाली सिलेंडर लेने के बाद ही भरा हुआ सिलेंडर दिया जाता है।
- आयुक्त की कार्रवाई: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित ठेकेदार व कर्मियों को तलब किया। जब कर्मचारी इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, तो आयुक्त ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन कर्मचारियों पर दर्ज हुई FIR:
आयुक्त के निर्देश पर कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के महाप्रबंधक ने निम्नलिखित तीन आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है:
- संदीप
- प्रेमपाल सिंह ठाकुर
- प्रमोद चौहान
प्रशासन का कड़ा संदेश:
- पारदर्शिता पर जोर: आयुक्त ने KMVN और गैस एजेंसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे वितरण प्रणाली पर कड़ी नजर रखें और समय-समय पर औचक निरीक्षण करें।
- उपभोक्ताओं को राहत: वर्तमान में क्षेत्र में गैस की भारी किल्लत और बुकिंग के बावजूद देरी की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में कालाबाजारी और घटतौली करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब और भी सख्त हो गया है।
आयुक्त का बयान: आयुक्त दीपक रावत ने साफ कहा कि गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।





