Top 5 This Week

Related Posts

खाड़ी में गहराया युद्ध का संकट: कुवैत के पावर प्लांट पर ईरानी हमला, एक भारतीय कर्मचारी की मौत

कुवैत सिटी/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोमवार को एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि ईरान द्वारा किए गए एक ताजा हमले में देश के एक महत्वपूर्ण पावर स्टेशन को निशाना बनाया गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वहां कार्यरत एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई है, जबकि संयंत्र परिसर में स्थित एक सर्विस बिल्डिंग (सेवा भवन) को भारी नुकसान पहुँचा है।

रविवार शाम को हुई ‘ईरानी आक्रामकता’

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला रविवार शाम को हुआ। मंत्रालय ने इसे सीधे तौर पर ‘कुवैत के खिलाफ ईरान की निरंतर आक्रामकता’ करार दिया है। मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने पुष्टि की कि हमला एक जल विलवणीकरण (Water Desalination) और बिजली संयंत्र पर किया गया था। इस हमले ने न केवल बुनियादी ढांचे को क्षति पहुँचाई है, बल्कि एक निर्दोष विदेशी कामगार की जान लेकर मानवीय संकट को भी जन्म दिया है।

मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश: कुवैत बना युद्ध का मैदान

विगत एक महीने से जारी अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष का खामियाजा अब कुवैत जैसे तटस्थ देशों को भी भुगतना पड़ रहा है। तेहरान लगातार पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जो आंकड़े पेश किए हैं, वे दहला देने वाले हैं। मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कुवैत पर कुल 307 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और 616 ड्रोन दागे जा चुके हैं।

रक्षा मंत्रालय ने किया 26 हमलों को नाकाम

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) मुस्तैदी से काम कर रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर कुवैती सेना ने 14 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 दुश्मन ड्रोनों का हवा में ही पता लगाकर उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। हालांकि, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने मीडिया ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि कुछ मिसाइलें और ड्रोन कुवैती सशस्त्र बलों के एक सैन्य अड्डे पर गिरने में सफल रहे, जिससे 10 सैन्य कर्मी घायल हो गए और सैन्य ठिकाने को काफी क्षति पहुँची है।

कूटनीतिक गलियारों में चिंता

एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद भारत सरकार और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास भी अलर्ट मोड पर हैं। इस घटना ने खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों प्रवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात को लेकर चिंतित है कि यदि हमलों का यह सिलसिला नहीं थमा, तो पूरा क्षेत्र एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की चपेट में आ सकता है।

Popular Articles