गोपेश्वर: जिला मुख्यालय गोपेश्वर में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को तीन दिन के लंबे इंतजार के बाद जब गैस का वाहन पहुंचा, तो सिलिंडर पाने की आपाधापी में लोग सुबह तड़के ही सड़कों पर उतर आए। हालांकि, घंटों इंतजार के बावजूद कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ और मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
कड़कड़ाती ठंड में सुबह 5 बजे से लगी कतारें
गैस आपूर्ति की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह पांच बजे से ही उपभोक्ता मंदिर मार्ग और पुलिस मैदान में एकत्र होने शुरू हो गए थे। सिलिंडर पाने की होड़ में लोगों ने लंबी कतारें लगा दीं। इस दौरान एक अनोखा नजारा भी देखने को मिला; अपनी बारी सुरक्षित करने के लिए कई लोगों ने अपने सिलिंडरों को एक साथ जंजीरों से बांधकर ताला लगा दिया और कतार में अपनी जगह पक्की कर अपने अन्य जरूरी कार्यों में जुट गए।
रास्ते में वाहन खराब होने से बिगड़े हालात
उपभोक्ताओं की परेशानी तब और बढ़ गई जब गैस लेकर आ रहा वाहन रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण फंस गया। जो वाहन सुबह पहुंचना था, वह दोपहर बाद मुख्यालय पहुंच सका। इसके चलते सुबह 5 बजे से लाइन में लगे बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। आपूर्ति सीमित होने और मांग अधिक होने के कारण दोपहर बाद तक कई लोगों को बिना सिलिंडर लिए ही वापस जाना पड़ा, जिससे जनता में विभाग के खिलाफ रोष भी देखा गया।
आपूर्ति व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन दिन बाद गैस की गाड़ी पहुंचने और उसमें भी अव्यवस्था होने के कारण स्थानीय निवासियों ने आपूर्ति तंत्र पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिला मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि लोगों को इस तरह की किल्लत और भागदौड़ का सामना न करना पड़े। गैस एजेंसी और संबंधित विभाग से मांग की गई है कि आगामी दिनों में वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया जाए।





