नई दिल्ली/देहरादून (27 मार्च, 2026): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर शाम तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को राज्य की सियासत और विकास परियोजनाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके एजेंडे में सबसे ऊपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें अगले माह प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के भव्य लोकार्पण के लिए देहरादून आमंत्रित करना है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री धामी केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं (हाईकमान) से भी भेंट कर सकते हैं। इस दौरान, हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दायित्व वितरण (Allocation of Responsibilities) और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की प्रबल संभावना है।
प्रधानमंत्री का प्रस्तावित देहरादून दौरा: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
मुख्यमंत्री धामी के दिल्ली दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी को उत्तराखंड आने का न्योता देना है:
- एक्सप्रेसवे का तोहफा: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज 2.5 घंटे रह जाएगी, जिससे पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
- भव्य लोकार्पण समारोह: मुख्यमंत्री धामी चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस ऐतिहासिक परियोजना का लोकार्पण करें। उनके प्रस्तावित दौरे को देखते हुए, मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से समय मांगेंगे और लोकार्पण समारोह की तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
- विकास की नई राह: मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को उत्तराखंड में चल रही अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं (जैसे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और केदारनाथ पुनर्निर्माण) की प्रगति से भी अवगत कराएंगे।
सियासी समीकरण: दायित्व वितरण और हाईकमान से मुलाकात
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद, अब मुख्यमंत्री धामी के सामने संगठन के भीतर संतुलन बनाने की चुनौती है:
- दायित्व वितरण पर चर्चा: मुख्यमंत्री ने लंबी प्रतीक्षा के बाद बीती 20 मार्च को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है, जिससे अब उनका 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल पूरा हो चुका है। अब बारी भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को संतुष्ट करने की है, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे के दौरान भाजपा हाईकमान से इन नेताओं को विभिन्न सरकारी निगमों, बोर्डों और आयोगों में दायित्व (Responsibilities) सौंपने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
- केंद्रीय मंत्रियों से भेंट: मुख्यमंत्री धामी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी शिष्टाचार भेंट कर सकते हैं। इन मुलाकातों में राज्य से जुड़े लंबित मुद्दों, केंद्रीय सहायता और आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
- संगठन की मजबूती: मुख्यमंत्री भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मिलकर संगठन की गतिविधियों और राज्य में राजनीतिक स्थिति की जानकारी देंगे।





