लखनऊ (23 मार्च, 2026): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार (23 मार्च) को राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में कैबिनेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे और शिक्षा क्षेत्र से संबंधित कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में सबसे प्रमुख एजेंडा ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ को पास करना है, जिसका उद्देश्य राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसके अलावा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, और माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा और निर्णय होने की उम्मीद है।
प्रमुख प्रस्ताव: ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’
योगी कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ पर रहने की संभावना है:
- निजी निवेश को बढ़ावा: इस योजना के तहत, राज्य सरकार निजी विकासकर्ताओं (Private Developers) को बिजनेस पार्क, आईटी पार्क और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
- सरल प्रक्रिया और रियायतें: योजना में भूमि अधिग्रहण, बिजली, पानी, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को सरल बनाने और निजी विकासकर्ताओं को टैक्स में रियायतें देने का प्रावधान है।
- रोजगार सृजन: सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के जरिए राज्य में अरबों रुपये का निजी निवेश आएगा और लाखों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास: 10 प्रस्तावों पर चर्चा
कैबिनेट की बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सर्वाधिक 10 प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है:
- औद्योगिक गलियारे: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, और गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) को विकसित करने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के प्रस्ताव।
- नई औद्योगिक नीतियां: राज्य में विशिष्ट उद्योगों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, और टेक्सटाइल) को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियों या मौजूदा नीतियों में संशोधन के प्रस्ताव।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: राज्य में निवेश की प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नए सुधारों और कूटनीतिक पहलों के प्रस्ताव।
आवास एवं शहरी नियोजन: 3 प्रस्तावों पर निर्णय
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तीन प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है:
- स्मार्ट सिटी और टाउनशिप: राज्य के प्रमुख शहरों में स्मार्ट सिटी और एकीकृत टाउनशिप (Integrated Townships) को विकसित करने और निजी विकासकर्ताओं को शामिल करने के प्रस्ताव।
- अवैध निर्माण और अतिक्रमण: अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोकने के लिए सख्त कानूनों और नियमों को लागू करने और नए मास्टर प्लान तैयार करने के प्रस्ताव।
शिक्षा क्षेत्र: लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन का प्रस्ताव
माध्यमिक शिक्षा विभाग में लिपिकीय संवर्ग (Clerical Cadre) के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा:
- पारदर्शिता और दक्षता: इस प्रस्ताव का उद्देश्य विभाग में लिपिकों की भर्ती, पदोन्नति, और स्थानांतरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है।
- पदों का सृजन और युक्तिकरण: प्रस्ताव में नए पदों के सृजन और मौजूदा पदों के युक्तिकरण (Rationalization) का भी प्रावधान है, ताकि विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके।
कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट की आज की बैठक उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‘निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ को मंजूरी मिलने से राज्य में निजी निवेश और रोजगार सृजन को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब लखनऊ से आने वाली खबरों पर टिकी हैं।





