तेहरान/वाशिंगटन (14 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में युद्ध की ज्वाला अब नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप (Kharg Island) स्थित तेल टर्मिनल पर कथित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने अब तक की सबसे भयावह धमकी दी है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वे जवाबी कार्रवाई में पूरे क्षेत्र के ‘तेल बुनियादी ढांचे’ (Oil Infrastructure) को राख में तब्दील कर देंगे। इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है।
खर्ग द्वीप पर हमले से भड़की आग
ईरान का खर्ग द्वीप उसका सबसे बड़ा कच्चे तेल का निर्यात केंद्र है। हाल ही में हुए हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है:
- हमले का प्रभाव: खबरों के अनुसार, खर्ग द्वीप पर हुए हवाई हमले में ईरान की तेल निर्यात क्षमता को गंभीर चोट पहुंची है। ईरान ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
- ईरान का पलटवार: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे अब केवल रक्षात्मक नहीं रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के पास दुश्मन के उन सभी ठिकानों की सूची है जहाँ से वैश्विक तेल की आपूर्ति होती है।
ईरान की ‘सर्वनाश’ वाली धमकी के मायने
ईरान ने अपने बयान में न केवल इजरायल, बल्कि उन सभी देशों को चेतावनी दी है जो उसकी नजर में इस हमले के भागीदार हैं:
- क्षेत्रीय तेल ठिकानों को खतरा: ईरान ने संकेत दिया है कि वह सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों में स्थित उन रिफाइनरियों और पाइपलाइनों को निशाना बना सकता है जिनका उपयोग पश्चिमी देश करते हैं।
- होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी: ईरान ने फिर से दोहराया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर सकता है, जिससे दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा ठप हो जाएगा।
- ‘राख कर देंगे’ का संकल्प: ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उनके पास ऐसी मिसाइलें और ड्रोन हैं जो पलक झपकते ही किसी भी रिफाइनरी को आग के गोले में बदल सकते हैं।
दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल का डर
ईरान की इस धमकी मात्र से ही वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में तेजी आने की आशंका बढ़ गई है:
- आर्थिक मंदी का खतरा: यदि ईरान अपनी धमकी पर अमल करता है और क्षेत्र का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट होता है, तो दुनिया भर में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
- अमेरिका की प्रतिक्रिया: वाशिंगटन ने इस धमकी को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया है और कहा है कि वे अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर हमले में अपनी प्रत्यक्ष भूमिका पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया है।





