अजमेर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी शंखनाद करते हुए कांग्रेस पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर अपने राजनीतिक जीवन का सबसे हमलावर रुख अपनाया है। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने न केवल अपनी मर्यादा और ‘कपड़े’ उतारे हैं, बल्कि अपना पूरी तरह से ‘वैचारिक दिवालियापन’ भी प्रदर्शित कर दिया है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सत्ता की भूख में कांग्रेस उन ताकतों के साथ खड़ी हो गई है जो देश को अस्थिर करना चाहती हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान ने देश की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है और विपक्षी दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
पीएम मोदी के प्रहार के मुख्य बिंदु: ‘भ्रष्टाचार और वैचारिक पतन’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस की कार्यशैली और उसकी हालिया बयानबाजी पर कई सवाल खड़े किए:
- मर्यादा का उल्लंघन: पीएम ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता और गरिमा होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस के नेता अपनी भाषा और आचरण से लगातार मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं।
- विभाजनकारी सोच: प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब देश के विकास के लिए कोई विजन नहीं बचा है, इसलिए वह जातिवाद, क्षेत्रवाद और तुष्टीकरण के ‘वैचारिक दिवालियापन’ का सहारा ले रही है।
- इतिहास का हवाला: उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने दशकों तक देश पर राज किया, वह आज अस्तित्व बचाने के लिए देश के सामर्थ्य और सेना के शौर्य पर भी सवाल उठा रही है।
तुष्टीकरण और सनातन पर हमला: ‘कांग्रेस की नई पहचान’
पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए उसे सनातन संस्कृति विरोधी और तुष्टीकरण का पोषक बताया:
- सांस्कृतिक हमला: प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इकोसिस्टम में बैठे लोग हमारी संस्कृति और परंपराओं का अपमान करना अपनी उपलब्धि समझते हैं।
- वोट बैंक की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए देश के बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत कर रही है, जो उनके वैचारिक पतन का सबसे बड़ा प्रमाण है।
- गठबंधन पर निशाना: पीएम ने ‘INDIA’ गठबंधन को स्वार्थों का जमावड़ा बताते हुए कहा कि इनका उद्देश्य विकास नहीं, बल्कि केवल मोदी को हटाना और अपनी तिजोरियां भरना है।
बीजेपी का संकल्प: ‘राष्ट्रवाद और विकास’
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की ‘नकारात्मकता’ के जवाब में अपनी सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा:
- विकसित भारत का लक्ष्य: उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है, जबकि विपक्ष देश को पीछे धकेलने की साजिश रच रहा है।
- भ्रष्टाचार पर वार: पीएम ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी, चाहे विपक्ष कितनी भी लामबंदी क्यों न कर ले।





