Saturday, February 28, 2026

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खाकी के हत्थे चढ़ा ‘फर्जी साइंटिस्ट’: मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को बताता था ISRO वैज्ञानिक; शादी का झांसा देकर दर्जनों महिलाओं का यौन शोष

बेंगलुरु/नई दिल्ली: राजधानी की पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का वरिष्ठ वैज्ञानिक बताकर महिलाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी, जिसके जरिए वह पढ़ी-लिखी और संपन्न महिलाओं को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी न केवल महिलाओं से लाखों रुपये ऐंठता था, बल्कि शादी का वादा कर उनका लंबे समय तक यौन शोषण भी करता था।

जालसाजी का तरीका: हाई-प्रोफाइल प्रोफाइल और फर्जी दस्तावेज

पुलिस जांच में आरोपी की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • नकली पहचान पत्र: आरोपी ने इसरो का फर्जी पहचान पत्र, अपॉइंटमेंट लेटर और यहां तक कि कुछ जाली तकनीकी दस्तावेज भी बनवा रखे थे, जिन्हें वह महिलाओं को विश्वास दिलाने के लिए दिखाता था।
  • सोशल मीडिया का सहारा: वह अक्सर अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट लॉन्च से जुड़ी बातें करता था ताकि किसी को शक न हो। वह खुद को ‘अति व्यस्त’ वैज्ञानिक बताकर महिलाओं का भावनात्मक शोषण करता था।
  • वित्तीय ठगी: शादी तय करने के बहाने वह कभी ‘पारिवारिक आपातकाल’ तो कभी ‘प्रोजेक्ट फंड’ के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम उधार लेता था।

कैसे हुआ पर्दाफाश?

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित महिला को उसकी बातों पर संदेह हुआ:

  1. संदेह की शुरुआत: एक पीड़िता ने गौर किया कि आरोपी कभी भी उसे अपने कार्यालय नहीं ले जाता था और इसरो के बारे में पूछे गए जटिल सवालों पर बात टाल देता था।
  2. पुलिस में शिकायत: महिला ने जब अपनी स्तर पर जांच की और उसे सच्चाई का पता चला, तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
  3. गिरफ्तारी: पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को उस वक्त धर दबोचा जब वह एक और महिला से मिलने पहुंचा था। तलाशी के दौरान उसके पास से कई फर्जी आईडी कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।

पीड़ितों की लंबी सूची

जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और अब तक कम से कम 10 से 12 महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। इनमें से कई महिलाएं प्रतिष्ठित कंपनियों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। बदनामी के डर से कई महिलाएं पहले सामने नहीं आ रही थीं, लेकिन अब पुलिस ने उनसे निडर होकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

“यह एक गंभीर साइबर और सामाजिक अपराध है। आरोपी महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर उनका आर्थिक और शारीरिक शोषण कर रहा था। हम मैट्रिमोनियल साइटों से भी डेटा मांग रहे हैं ताकि पता चल सके कि उसने और कितनी महिलाओं को संपर्क किया था।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

सावधानी: मैट्रिमोनियल साइट्स पर कैसे रहें सुरक्षित?

इस घटना ने ऑनलाइन जीवनसाथी तलाशने वालों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • प्रोफाइल का सत्यापन: किसी के पद या कार्यालय पर सीधे भरोसा न करें। संबंधित संस्थान में गोपनीय रूप से पूछताछ जरूर करें।
  • आर्थिक लेन-देन से बचें: यदि कोई व्यक्ति शादी से पहले किसी भी बहाने पैसे मांगता है, तो वह धोखेबाज हो सकता है।
  • निजी जानकारी: बहुत जल्दी अपनी निजी जानकारी या संवेदनशील तस्वीरें साझा न करें।

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