Wednesday, February 25, 2026

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मेघालय विधानसभा में दिखा लोकतंत्र का अनोखा रंग: विधायक पत्नी ने सदन में मुख्यमंत्री पति को घेरा; प्रोजेक्ट में देरी पर पूछे तीखे सवाल

शिलॉन्ग: मेघालय विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सत्ता और परिवार के बीच की लकीर को स्पष्ट कर दिया। राज्य की राजनीति में ‘पावर कपल’ के रूप में जाने जाने वाले मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सदन में अपनी ही पत्नी और विधायक मेहताब चांडी संगमा के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मेहताब चांडी ने विकास परियोजनाओं में हो रही देरी को लेकर अपनी ही सरकार के मुखिया (पति) को कठघरे में खड़ा कर दिया। इस घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है, जिसे स्वस्थ लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर माना जा रहा है।

सदन में सवाल-जवाब: “जनता जवाब मांग रही है”

प्रश्नकाल के दौरान विधायक मेहताब चांडी संगमा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाया:

  • प्रोजेक्ट में देरी पर नाराजगी: उन्होंने अपने क्षेत्र में चल रहे एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (सड़क/पुल निर्माण) के अटके होने पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि समय सीमा बीत जाने के बावजूद अभी तक काम पूरा क्यों नहीं हुआ है?
  • अधिकारियों की जवाबदेही: विधायक ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या सरकार उन ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी जिनकी लापरवाही से परियोजना में देरी हो रही है।
  • तथ्यों की मांग: उन्होंने सदन पटल पर इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और अब तक खर्च किए गए बजट का विस्तृत विवरण भी मांगा।

मुख्यमंत्री का जवाब: “नियमों के तहत होगा काम”

पत्नी के तीखे सवालों का सामना करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने पूरी तरह एक पेशेवर राजनेता की तरह प्रतिक्रिया दी:

  1. मुस्कुराहट के साथ जवाब: मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक पत्नी के सवालों को गंभीरता से सुना और मुस्कुराहट के साथ जवाब देते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  2. देरी के कारण गिनाए: उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों और भौगोलिक परिस्थितियों (पहाड़ी क्षेत्र) की वजह से कुछ प्रोजेक्ट्स में समय लग रहा है।
  3. आश्वासन: सीएम ने सदन को आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं और वे व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: ‘परिवार ऊपर, कर्तव्य सर्वोपरि’

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि सदन के भीतर व्यक्तिगत रिश्ते नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दे मायने रखते हैं:

  • विपक्ष की प्रतिक्रिया: विपक्षी दलों ने भी विधायक मेहताब चांडी के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक विधायक को अपने क्षेत्र के लिए मुखर होना ही चाहिए, चाहे सामने उनका जीवनसाथी ही क्यों न हो।
  • सोशल मीडिया पर सराहना: लोगों ने इस वीडियो क्लिप को साझा करते हुए लिखा कि यह मेघालय की राजनीति की परिपक्वता को दर्शाता है, जहाँ संवैधानिक कर्तव्यों को पारिवारिक संबंधों से ऊपर रखा जाता है।

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