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अमेरिका में कुदरत का ‘सफेद’ कहर: बर्फीले तूफान से 5 लाख घरों की बत्ती गुल, हजारों उड़ानें रद्द; 153 साल के इतिहास में पहली बार नहीं छपा अखबार

वॉशिंगटन/न्यूयार्क: संयुक्त राज्य अमेरिका के कई राज्य इस समय सदी के सबसे भीषण बर्फीले तूफान (Snowstorm) की चपेट में हैं। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बर्फीली हवाओं और भारी हिमपात के कारण देश के लगभग 5 लाख घरों की बिजली गुल हो गई है, जिससे कड़ाके की ठंड में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जहां अब तक हजारों फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी हैं। इस आपदा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक प्रमुख स्थानीय अखबार, जो पिछले 153 साल से निरंतर प्रकाशित हो रहा था, इस तूफान के कारण पहली बार अपना प्रिंट एडिशन नहीं निकाल सका।

बिजली संकट और जमा देने वाली ठंड

तूफान के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है:

  • अंधेरे में डूबे शहर: तेज हवाओं और पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई हैं। मिशिगन, न्यूयॉर्क और पेंसिल्वेनिया जैसे राज्यों में बिजली ग्रिड ठप होने से लाखों लोग बिना हीटर और रोशनी के ठिठुर रहे हैं।
  • शून्य से नीचे तापमान: कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है क्योंकि ‘फ्रॉस्टबाइट’ का खतरा बना हुआ है।

यातायात और संचार पूरी तरह ठप

हवाई से लेकर सड़क मार्ग तक, सब कुछ बर्फ की चादर के नीचे दब गया है:

  1. विमानन सेवा प्रभावित: शिकागो और अटलांटा जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर दृश्यता (Visibility) शून्य होने के कारण विमानों का परिचालन रोक दिया गया है। हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
  2. ऐतिहासिक अखबार का प्रकाशन रुका: 153 वर्षों से लगातार छप रहे एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के कार्यालय और प्रिंटिंग प्रेस तक कर्मचारियों का पहुँचना असंभव हो गया, जिसके चलते अखबार का प्रकाशन इतिहास में पहली बार रोकना पड़ा।
  3. सड़क हादसों में बढ़ोतरी: हाईवे पर बर्फ जमने के कारण सैकड़ों गाड़ियां आपस में टकरा गई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कई प्रमुख रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया है।

प्रशासनिक कदम और राहत कार्य

अमेरिकी सरकार और स्थानीय प्रशासन ने आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी है:

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: नेशनल गार्ड की टुकड़ियों को फंसे हुए लोगों को निकालने और बिजली बहाल करने के काम में लगाया गया है।
  • वार्मिंग सेंटर्स: जिन घरों में बिजली नहीं है, उनके लिए सरकार ने सार्वजनिक इमारतों में ‘वार्मिंग सेंटर्स’ खोले हैं ताकि लोग ठंड से बच सकें।
  • नागरिकों को सलाह: प्रशासन ने लोगों से घरों के अंदर रहने और केवल आपात स्थिति में ही यात्रा करने की अपील की है।

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