पोर्ट ब्लेयर: देश में हवाई दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। झारखंड में हुए विमान हादसे की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अंडमान के समुद्र में एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर, जिसमें 7 लोग सवार थे, अचानक तकनीकी खराबी के बाद समुद्र में गिर गया। इस घटना के बाद रक्षा मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तलाश एवं बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) शुरू कर दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह दुर्घटना अंडमान निकोबार द्वीप समूह के एक सुदूर हिस्से में हुई:
- अचानक संपर्क टूटा: हेलीकॉप्टर ने सुबह अपनी नियमित उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से उसका रडार संपर्क टूट गया।
- समुद्र में क्रैश: स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और तटरक्षक बल के शुरुआती संकेतों के अनुसार, हेलीकॉप्टर समुद्र की लहरों के बीच जा गिरा।
- खराब मौसम की आशंका: हालांकि आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि अचानक बिगड़े मौसम और तेज हवाओं के कारण पायलट ने नियंत्रण खो दिया होगा।
बचाव कार्य और लापता लोगों की खोज
हादसे की खबर मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और नौसेना को अलर्ट कर दिया गया है:
- जहाज और विमान तैनात: लापता 7 लोगों की तलाश के लिए कोस्ट गार्ड के तीन जहाज और नौसेना के डोर्नियर विमानों को उस क्षेत्र में भेजा गया है जहाँ से आखिरी सिग्नल प्राप्त हुआ था।
- चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां: समुद्र में ऊंची लहरों और गहरे पानी के कारण बचाव दल को मलबे की पहचान करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
- हेल्पलाइन नंबर: प्रशासन ने परिजनों की जानकारी के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
झारखंड हादसे के बाद दूसरी बड़ी घटना
यह हादसा इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हाल ही में झारखंड में भी एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था:
- लगातार होते हादसे: कुछ ही दिनों के भीतर दो हवाई हादसों ने देश में निजी विमानों और हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- डीजीसीए (DGCA) की सक्रियता: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।





