भिवंडी (महाराष्ट्र): कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को ठाणे जिले की भिवंडी अदालत में पेश हुए। यह पेशी उनके खिलाफ दायर एक मानहानि के मुकदमे के सिलसिले में हुई, जो आरएसएस (RSS) के एक स्थानीय स्वयंसेवक द्वारा दर्ज कराया गया था। राहुल गांधी की मौजूदगी को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, उनके पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें काले झंडे दिखाए, जिससे इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
क्या है पूरा मामला?
यह मानहानि का मुकदमा साल 2014 के एक चुनावी भाषण से जुड़ा है:
- विवादास्पद बयान: आरोप है कि राहुल गांधी ने भिवंडी में ही एक रैली के दौरान महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को जिम्मेदार ठहराया था।
- कानूनी शिकायत: इस बयान के खिलाफ आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। कुंटे का तर्क है कि इस बयान से संगठन की छवि को गहरा नुकसान पहुँचा है।
- वर्तमान स्थिति: मामला फिलहाल ट्रायल के चरण में है, जहाँ गवाहों के बयान और साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं।
भाजपा का विरोध और काले झंडे
राहुल गांधी जैसे ही कोर्ट परिसर के पास पहुँचे, वहां पहले से मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी:
- नारेबाजी और प्रदर्शन: प्रदर्शनकारियों ने ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
- पुलिस की कार्रवाई: प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस समर्थकों के बीच टकराव को रोकने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।
- कांग्रेस का पलटवार: दूसरी ओर, भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की और भाजपा पर ‘लोकतंत्र की आवाज दबाने’ का आरोप लगाया।
अदालती कार्यवाही का विवरण
अदालत के भीतर की कार्यवाही संक्षिप्त रही, जहाँ राहुल गांधी अपने वकीलों के साथ मौजूद रहे:
- उपस्थिति दर्ज: राहुल गांधी ने न्यायाधीश के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके वकीलों ने कोर्ट को सूचित किया कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं और मामले की सुनवाई में सहयोग कर रहे हैं।
- अगली तारीख: अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए भविष्य की एक तिथि निर्धारित की है। राहुल गांधी को फिलहाल इस व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट नहीं मिली है, इसलिए उन्हें प्रक्रिया के अनुसार कोर्ट आना पड़ रहा है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
भिवंडी पुलिस ने राहुल गांधी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया था। कोर्ट के मुख्य गेट से लेकर आसपास की सड़कों तक बैरिकेडिंग की गई थी और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।





