हल्द्वानी (नैनीताल): नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा में रेलवे की करीब 29 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में आगामी 24 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई के मद्देनजर नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का विवरण
सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, यह मामला मंगलवार, 24 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। कोर्ट की कार्यसूची में इसे क्रम संख्या 36 पर रखा गया है। इस सुनवाई पर करीब 4,365 परिवारों का भविष्य टिका हुआ है, जिन्हें पूर्व में अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया था।
पुलिस की सख्ती और चेकिंग अभियान
सुनवाई से पहले किसी भी प्रकार के तनाव या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने बनभूलपुरा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है:
- अवैध हथियारों की बरामदगी: हाल ही में पुलिस ने विशेष अभियान के तहत क्षेत्र में छापेमारी की, जिसमें एक बर्खास्त शिक्षक के घर से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
- ड्रोन से निगरानी: संवेदनशील इलाकों की छतों और गलियों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है।
- सत्यापन अभियान: बाहर से आने वाले व्यक्तियों और संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर भी नजर है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और उपद्रव करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि:
- क्षेत्र: बनभूलपुरा (हल्द्वानी), उत्तराखंड।
- विवाद: रेलवे की जमीन पर करीब 4365 घरों का कथित अतिक्रमण।
असर: इस फैसले से लगभग 50,000 लोगों के पुनर्वास या विस्थापन का भविष्य तय होगा।





