Saturday, February 21, 2026

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का होगा कायाकल्प: ₹13.50 करोड़ से निखरेंगी सुविधाएं; पर्यटकों के लिए बनेंगे भव्य व्यू प्वाइंट और कल्चरल हेरिटेज भवन

पिथौरागढ़/देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने चीन सीमा से सटे सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इस मार्ग पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए 13.50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि उन्हें हिमालय की चोटियों का दीदार करने के लिए अत्याधुनिक व्यू प्वाइंट और क्षेत्र की संस्कृति को समझने के लिए कल्चरल हेरिटेज भवन की सौगात भी मिलेगी।

पर्यटन और संस्कृति का संगम: क्या होगा खास?

योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन के नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे:

  • व्यू प्वाइंट्स का निर्माण: यात्रा मार्ग के उन चुनिंदा स्थानों पर व्यू प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहाँ से आदि कैलाश, ओम पर्वत और हिमालय की बर्फीली चोटियों का स्पष्ट और मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यहाँ पर्यटकों के बैठने और फोटोग्राफी के लिए विशेष प्रबंध होंगे।
  • कल्चरल हेरिटेज भवन: स्थानीय रं समाज और सीमांत क्षेत्रों की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संजोने के लिए ‘कल्चरल हेरिटेज भवन’ बनाया जाएगा। यह भवन एक संग्रहालय की तरह काम करेगा, जहाँ पर्यटक स्थानीय वेशभूषा, खान-पान और परंपराओं से रूबरू हो सकेंगे।

यात्री सुविधाओं पर विशेष निवेश

13.50 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि का उपयोग यात्रियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा:

  1. विश्राम गृह और शेल्टर: दुर्गम रास्तों पर थकान मिटाने के लिए आधुनिक विश्राम गृह और बारिश व बर्फबारी से बचने के लिए ‘वे-साइड एमिनिटीज’ (Wayside Amenities) का निर्माण होगा।
  2. स्वच्छता और पेयजल: मार्ग पर उचित दूरी पर बायो-टॉयलेट्स और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना यात्रियों को सुविधाएं मिल सकें।
  3. साइनेज और सूचना पट्ट: पर्यटकों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर दिशा-सूचक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सरकार के इस कदम को सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय रोजगार बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है:

  • होमस्टे को मजबूती: सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों द्वारा संचालित होमस्टे को बेहतर व्यवसाय मिलेगा।
  • गाइड और हस्तशिल्प: हेरिटेज भवन और व्यू प्वाइंट्स के बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड के रूप में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री बढ़ेगी।

सुरक्षा और सुगमता सर्वोपरि

चूंकि यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, इसलिए निर्माण कार्यों में सीमा सुरक्षा की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

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