हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज तीर्थनगरी हरिद्वार के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर करोड़ों रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। सरकार का लक्ष्य अर्धकुंभ को ‘भव्य और सुरक्षित’ बनाने का है, जिसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शिलान्यास समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।
विकास योजनाओं की सौगात: इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मुख्यमंत्री आज के कार्यक्रम में हरिद्वार के कायाकल्प के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की नींव रखेंगे:
- घाटों का सुदृढ़ीकरण: गंगा के विभिन्न घाटों के विस्तार और सौंदर्यीकरण के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान असुविधा न हो।
- सड़क और पुल निर्माण: मेले के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए नई संपर्क सड़कों और अस्थाई पुलों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास होगा।
- आधुनिक सुविधाएं: डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट लाइटिंग जैसी परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी।
तैयारियों की समीक्षा: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर
शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री मेला नियंत्रण भवन (CCR) में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे:
- समय सीमा का निर्धारण: मुख्यमंत्री निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश देंगे ताकि मेले से काफी पहले सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हो सकें।
- गुणवत्ता की जांच: सीएम धामी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वे अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की भौतिक प्रगति रिपोर्ट (Physical Progress Report) मांगेंगे।
- सुरक्षा और स्वच्छता: बैठक में भीड़ नियंत्रण (Crowd Management), सुरक्षा ग्रिड और स्वच्छता अभियान को लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
अर्धकुंभ 2028: वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की तैयारी
मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि अर्धकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने का अवसर है:
- श्रद्धालुओं की सुविधा: मुख्यमंत्री प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देंगे कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आवास, परिवहन और स्वास्थ्य की उत्तम सुविधाएं मिलें।
- स्थानीय सहभागिता: वे स्थानीय व्यापारिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों से भी संवाद कर सकते हैं ताकि आयोजन में जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है ताकि आम जनता को आवाजाही में परेशानी न हो।





