Friday, February 20, 2026

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अल्मोड़ा में चीख-पुकार: बस को पास देते समय अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी पिकअप; मलबे और गाड़ी के नीचे दबे 5 यात्री, रेस्क्यू जारी

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार दोपहर अल्मोड़ा जिले के एक दुर्गम मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जहाँ एक यात्री पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब संकरे रास्ते पर सामने से आ रही एक बस को पास देने की कोशिश में पिकअप का पहिया सड़क से नीचे उतर गया। इस दुर्घटना में वाहन के परखच्चे उड़ गए और गाड़ी में सवार पांच यात्री पिकअप के मलबे और भारी टायरों के नीचे दब गए।

हादसे का घटनाक्रम: एक छोटी सी चूक और बड़ी तबाही

प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था:

  • आमने-सामने की भिड़ंत से बचाव की कोशिश: एक तीखे मोड़ पर सामने से अचानक एक बड़ी बस आ गई। मार्ग संकरा होने के कारण पिकअप चालक ने वाहन को किनारे दबाने की कोशिश की, लेकिन कच्ची पगडंडी धंसने से गाड़ी सीधे गहरी खाई में समा गई।
  • खाई में मची चीख-पुकार: वाहन के खाई में गिरते ही आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। खाई की गहराई और ढलान अधिक होने के कारण राहत कार्य में शुरुआत में काफी मुश्किलें आईं।

रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे में दबे यात्रियों को निकालने की जंग

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं। रेस्क्यू की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है:

  1. गाड़ी के नीचे फंसे लोग: दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पिकअप का ढांचा पूरी तरह पिचक गया है। पांच यात्री गाड़ी के मुख्य हिस्से के नीचे बुरी तरह फंसे हुए हैं।
  2. गैस कटर का इस्तेमाल: दबे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें गैस कटर और हाइड्रोलिक जैक का उपयोग कर रही हैं।
  3. घायलों की स्थिति: स्थानीय लोगों की मदद से कुछ घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुँचाया गया है, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए नजदीकी बेस अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दबे हुए यात्रियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

पहाड़ी रास्तों पर ‘पास’ देना बना जानलेवा

इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा और संकरे मोड़ों पर भारी वाहनों के दबाव के मुद्दे को गरमा दिया है:

  • संकरे मार्ग: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत न होने और किनारों पर सुरक्षा दीवार (पैरापेट) न होने के कारण यहाँ अक्सर गाड़ियाँ अनियंत्रित हो जाती हैं।
  • क्षमता से अधिक यात्री: प्रारंभिक जांच में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पिकअप में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, जिससे मोड़ पर संतुलन बनाना कठिन हो गया।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और मदद

अल्मोड़ा जिला मजिस्ट्रेट ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर ही डटे रहने के निर्देश दिए हैं:

  • हेली-रेस्क्यू की तैयारी: यदि घायलों की स्थिति और बिगड़ती है, तो उन्हें हायर सेंटर रेफर करने के लिए हेली-एंबुलेंस की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है।
  • यातायात ठप: रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया गया है।

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