जबलपुर: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी कहे जाने वाले शहर जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम उस समय तनाव फैल गया, जब एक प्राचीन दुर्गा मंदिर की रेलिंग टूटने की मामूली बात ने दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया। घटना उस समय हुई जब मंदिर में संध्या आरती चल रही थी और पास ही स्थित इबादतगाह में नमाज का समय था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
विवाद की जड़: रेलिंग टूटने से भड़की चिंगारी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई थी:
- रेलिंग का गिरना: मंदिर परिसर के पास स्थित रेलिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया। इस दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोग वहां मौजूद थे। मंदिर पक्ष का आरोप है कि रेलिंग जानबूझकर तोड़ी गई, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे महज एक दुर्घटना बताया।
- आरती और नमाज का समय: जिस समय यह बहस शुरू हुई, संयोगवश वह मंदिर की आरती और नमाज का वक्त था। दोनों ओर से लोगों की भीड़ जमा थी, जिससे छोटी सी कहासुनी ने देखते ही देखते बड़े हंगामे का रूप ले लिया।
जमकर हुआ पथराव, इलाके में दहशत
बातचीत से शुरू हुआ विवाद मारपीट और फिर पथराव तक जा पहुँचा:
- सड़कों पर तांडव: दोनों पक्षों की ओर से सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। घरों की छतों से पत्थर फेंके गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदारों ने आनन-फानन में शटर गिरा दिए।
- वाहनों में तोड़फोड़: उपद्रवियों ने सड़क किनारे खड़े कुछ वाहनों को भी निशाना बनाया। इस हिंसा में दोनों पक्षों के लगभग 4 से 5 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- पुलिस का एक्शन: सूचना मिलते ही हनुमानताल सहित आसपास के थानों की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा।
प्रशासनिक मुस्तैदी: शांति बहाली की कोशिशें
जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए स्थिति का जायजा लिया:
- फ्लैग मार्च: पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला ताकि जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।
- अज्ञात पर मामला दर्ज: पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ दंगा भड़काने और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
- सोशल मीडिया पर नजर: प्रशासन ने अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी तेज कर दी है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें।





