Wednesday, February 18, 2026

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हल्द्वानी में ट्रैफिक पुलिस की जगह अब AI संभालेगा कमान: 72 करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बदलेगी सूरत; जाम से मिलेगी बड़ी राहत

हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले शहर हल्द्वानी को अब ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से मुक्ति मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तकनीक के लागू होने के बाद हल्द्वानी के मुख्य चौराहों पर मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और एआई संचालित कैमरे खुद तय करेंगे कि किस तरफ का ट्रैफिक ज्यादा है और किसे पहले रास्ता देना है।

कैसे काम करेगा एआई आधारित सिस्टम?

यह प्रणाली ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) के सिद्धांतों पर आधारित होगी:

  • सेंसिंग और टाइमिंग: चौराहों पर लगे सेंसर गाड़ियों की संख्या को गिनेंगे। यदि किसी एक दिशा में गाड़ियों की लंबी कतार होगी, तो एआई खुद ही वहां की ग्रीन लाइट का समय बढ़ा देगा।
  • ऑटोमैटिक चालान: रेड लाइट जंप करने, हेलमेट न पहनने या ट्रिपल राइडिंग जैसे नियमों के उल्लंघन पर कैमरे तुरंत वाहन का नंबर स्कैन करेंगे और सीधे मोबाइल पर चालान भेज दिया जाएगा।
  • स्मार्ट कंट्रोल रूम: पूरे शहर की निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से 24 घंटे यातायात की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।

72 करोड़ का बजट: कहां और कैसे होगा निवेश?

इस भारी-भरकम बजट को शहर के आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने में खर्च किया जाएगा:

  1. हाई-डेफिनिशन कैमरों का जाल: शहर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों और चौराहों पर 360-डिग्री नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे।
  2. स्मार्ट सिग्नलिंग: पुराने ट्रैफिक सिग्नल्स को हटाकर नए डिजिटल एलईडी सिग्नल्स लगाए जाएंगे जो केंद्रीय सर्वर से जुड़े होंगे।
  3. इमरजेंसी व्हीकल प्रायोरिटी: सिस्टम में ऐसी तकनीक होगी कि एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड के आते ही एआई सिग्नल को ऑटोमैटिक ‘ग्रीन’ कर देगा, ताकि आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिल सके।
  4. पब्लिक एड्रेस सिस्टम: ट्रैफिक जाम या किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से सीधे चौराहों पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए जनता को निर्देश दिए जा सकेंगे।

जाम से मुक्ति: पर्यटन और स्थानीय जनता के लिए वरदान

हल्द्वानी, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी जिलों का मुख्य केंद्र है, जिससे यहां वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है:

  • पर्यटन सीजन में राहत: सीजन के दौरान नैनीताल जाने वाले पर्यटकों के कारण हल्द्वानी की सड़कें घंटों जाम रहती हैं। एआई सिस्टम इस ‘पीक लोड’ को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकेगा।
  • समय और ईंधन की बचत: व्यवस्थित ट्रैफिक से लोगों के यात्रा समय में 30% तक की कमी आने की संभावना है, जिससे प्रदूषण में भी गिरावट आएगी।

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