नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक तकनीक का केंद्र बनने जा रही है। दिल्ली में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट’ का भव्य आगाज़ हो रहा है, जिसे तकनीक की दुनिया का ‘महाकुंभ’ कहा जा रहा है। इस सम्मेलन में दुनिया भर के टेक दिग्गज, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। इस समिट का मुख्य उद्देश्य न केवल तकनीक पर चर्चा करना है, बल्कि यह भी तय करना है कि एआई (AI) का उपयोग आम आदमी की रोजमर्रा की चुनौतियों को कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार देने के लिए कैसे किया जाए।
क्या है एआई (AI) समिट?
यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर मंथन किया जा रहा है:
- वैश्विक भागीदारी: माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एनवीडिया और मेटा जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय आईटी विशेषज्ञ भी इस महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं।
- प्रमुख विषय: समिट में ‘एआई फॉर ऑल’ (सबके लिए एआई), एआई एथिक्स, और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नियम बनाने पर चर्चा होगी।
- इनोवेशन हब: यहाँ कई ऐसी तकनीकियों का प्रदर्शन किया जा रहा है जो भविष्य में हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देंगी।
आम लोगों को क्या होंगे फायदे?
अक्सर लोगों को लगता है कि एआई केवल वैज्ञानिकों के लिए है, लेकिन इस समिट में आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाले कई समाधान पेश किए गए हैं:
- स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति (AI in Healthcare) एआई के जरिए बीमारियों का पता अब बहुत पहले लगाया जा सकेगा। कैंसर या हृदय रोगों की शुरुआती पहचान के लिए एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स आम आदमी के लिए इलाज को सस्ता और सुलभ बनाएंगे।
- किसानों के लिए ‘स्मार्ट’ समाधान भारतीय किसानों के लिए एआई आधारित ऐसे मोबाइल ऐप पेश किए गए हैं जो मिट्टी की सेहत, मौसम की सटीक भविष्यवाणी और फसलों में लगने वाले रोगों की जानकारी देंगे। इससे पैदावार बढ़ेगी और लागत कम होगी।
- शिक्षा का लोकतंत्रीकरण एआई के माध्यम से अब हर बच्चे को ‘पर्सनलाइज्ड ट्यूटर’ (व्यक्तिगत शिक्षक) मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अपनी मातृभाषा में जटिल से जटिल विषय एआई गुरु के जरिए सीख सकेंगे।
- ट्रैफिक और शहरी सुरक्षा दिल्ली जैसे महानगरों में ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए ‘स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट’ सिस्टम पर काम हो रहा है। एआई कैमरों की मदद से ट्रैफिक सिग्नल खुद तय करेंगे कि किस तरफ का रास्ता पहले खोलना है ताकि जाम न लगे।
चुनौतियां और सुरक्षा पर भी नजर
जहाँ एआई के ढेरों फायदे हैं, वहीं इस समिट में इसके खतरों पर भी गंभीर चर्चा की जा रही है:
- साइबर सुरक्षा: एआई का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए ‘डिजिटल सुरक्षा’ के नए कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- रोजगार की चिंता: विशेषज्ञों का मानना है कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए तरह के रोजगार पैदा करेगा। इसलिए ‘अपस्किलिंग’ (कौशल विकास) पर ध्यान देना जरूरी है।





