नैनीताल/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण जिलों, नैनीताल और उत्तरकाशी में उस समय हड़कंप मच गया जब अज्ञात तत्वों द्वारा स्थानीय न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस सनसनीखेज धमकी के बाद शासन-प्रशासन में खलबली मच गई और आनन-फानन में दोनों न्यायालय परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। नैनीताल स्थित हाईकोर्ट और उत्तरकाशी जिला न्यायालय की सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) और बम निरोधक दस्ता (BDDS) सुबह से ही कोर्ट रूम, पार्किंग और संवेदनशील कोनों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
धमकी भरा संदेश: सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी मिलने का तरीका और समय बेहद संवेदनशील है:
- संदेश का माध्यम: पुलिस को एक धमकी भरा पत्र/ईमेल (जांच जारी) प्राप्त हुआ, जिसमें नैनीताल और उत्तरकाशी के न्यायालयों को निशाना बनाने की बात कही गई थी।
- तत्काल एक्शन: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और न्यायालय के गेटों को सील कर दिया गया।
- अधिवक्ताओं में दहशत: कार्य के समय मिली इस धमकी के कारण वकीलों और वादकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
सुरक्षा घेरा: चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
धमकी को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड पुलिस ने दोनों जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है:
- सघन तलाशी: बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) ने आधुनिक उपकरणों और मेटल डिटेक्टर के जरिए न्यायालय परिसर के भीतर प्रत्येक संदिग्ध वस्तु की जांच की।
- डॉग स्क्वॉड की भूमिका: प्रशिक्षित कुत्तों (Dog Squad) की मदद से पूरे परिसर और आसपास के झाड़ीनुमा इलाकों को खंगाला गया ताकि किसी भी विस्फोटक का पता लगाया जा सके।
- सीसीटीवी निगरानी: पुलिस कंट्रोल रूम से न्यायालय के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की पहचान की जा सके।
प्रशासनिक सतर्कता और जांच का दायरा
- हाईकोर्ट की सुरक्षा: नैनीताल में स्थिति अधिक संवेदनशील है क्योंकि यहाँ उत्तराखंड का उच्च न्यायालय स्थित है। यहाँ आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है।
- साइबर सेल सक्रिय: पुलिस की साइबर सेल धमकी देने वाले के आईपी एड्रेस (IP Address) या फोन लोकेशन को ट्रैक करने में जुटी है। प्राथमिक जांच में इसे किसी की शरारत या बड़ी साजिश, दोनों पहलुओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
- अतिरिक्त बल तैनात: आसपास के थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को न्यायालयों की सुरक्षा में तैनात किया गया है।





