प्योंगयांग/सियोल: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के स्वास्थ्य और उनके उत्तराधिकारी को लेकर दुनिया भर में कयासों का बाजार गर्म है। खुफिया रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के इस ‘शक्तिशाली परिवार’ (माउंट पेक्टू ब्लडलाइन) के भीतर उत्तराधिकार को लेकर आने वाले समय में बड़ा गृहक्लेश देखने को मिल सकता है। चर्चा का मुख्य केंद्र दो महिलाएं हैं: किम जोंग उन की बेहद प्रभावशाली बहन किम यो जोंग और उनकी पसंदीदा बेटी किम जू ऐ। जहां बहन के पास सालों का राजनीतिक अनुभव है, वहीं बेटी को हाल के दिनों में किम जोंग उन ने सार्वजनिक मंचों पर अपना ‘परम उत्तराधिकारी’ बताने के संकेत दिए हैं।
किम यो जोंग: सत्ता की सबसे अनुभवी दावेदार
किम जोंग उन की छोटी बहन किम यो जोंग को वर्तमान में उत्तर कोरिया की दूसरी सबसे शक्तिशाली हस्ती माना जाता है:
- राजनैतिक रसूख: वह देश के प्रचार-प्रसार विभाग की कमान संभालती हैं और दक्षिण कोरिया व अमेरिका के खिलाफ तीखे बयानों के लिए जानी जाती हैं।
- अनुभव का लाभ: किम जोंग उन के हर विदेशी दौरे और मिसाइल परीक्षण के दौरान वह साये की तरह साथ रहती हैं। उन्हें शासन चलाने और सैन्य रणनीति की गहरी समझ है।
- चुनौती: उत्तर कोरियाई समाज की पितृसत्तात्मक (पुरुष प्रधान) व्यवस्था में एक महिला के लिए शीर्ष पद पाना कठिन रहा है, लेकिन किम यो जोंग ने अपनी क्रूर छवि से इस धारणा को चुनौती दी है।
किम जू ऐ: ‘मशाल’ के रूप में उभरती नई पीढ़ी
पिछले कुछ महीनों में किम जोंग उन ने अपनी करीब 10-11 साल की बेटी किम जू ऐ को दुनिया के सामने पेश कर सबको चौंका दिया है:
- सार्वजनिक मौजूदगी: किम जू ऐ को सैन्य परेडों, मिसाइल लॉन्चिंग और महत्वपूर्ण आधिकारिक भोजों में अपने पिता के साथ अग्रिम पंक्ति में देखा गया है।
- विशेष उपाधियां: देश के सरकारी मीडिया ने उन्हें ‘आदरणीय’ और ‘प्यारी बेटी’ जैसे शब्दों से संबोधित करना शुरू कर दिया है, जो आमतौर पर केवल उत्तराधिकारी के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- पिता का संदेश: विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को साथ रखकर यह संदेश दे रहे हैं कि परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया का भविष्य उनके बच्चों के हाथों में सुरक्षित है।
परिवार में ‘क्लेश’ की आशंका क्यों?
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी (NIS) और विश्लेषकों ने इस स्थिति को एक जटिल सत्ता संघर्ष के रूप में देखा है:
- महत्वाकांक्षाओं का टकराव: यदि किम जोंग उन को कुछ होता है, तो किम यो जोंग अपनी सत्ता छोड़ने के पक्ष में नहीं होंगी। दूसरी तरफ, किम की बेटी को उत्तराधिकारी बनाने की कोशिशों से बहन के अधिकारों में कटौती हो सकती है।
- पर्दे के पीछे की राजनीति: किम जोंग उन की पत्नी, री सोल जू, और उनकी बहन किम यो जोंग के बीच भी कड़वाहट की खबरें आती रही हैं। पत्नी अपनी बेटी (किम जू ऐ) को सुरक्षित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं।
- सैन्य समर्थन: अंततः सत्ता उसी के पास जाएगी जिसे उत्तर कोरियाई सेना का समर्थन प्राप्त होगा। फिलहाल सेना दोनों ही महिलाओं के प्रति वफादारी दिखाती है।





