Monday, February 16, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

‘यूपीए के कुप्रबंधन ने सौदों को रोका, आज आत्मविश्वास से भरा है भारत’; ट्रेड डील पर पीएम मोदी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापारिक समझौतों और भारत की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक व्यापारिक शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ और निर्णय लेने में अक्षमता के कारण महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सौदे या तो रुक जाते थे या टूट जाते थे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ बराबरी के स्तर पर ट्रेड डील कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की नई आर्थिक नीतियां और ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र देश को वैश्विक सप्लाई चेन का एक विश्वसनीय केंद्र बना रहा है।

पिछली सरकार पर प्रहार: ‘अविश्वास और देरी का दौर’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यूपीए शासनकाल और वर्तमान सरकार के कार्य करने के तरीकों की तुलना की:

  • आर्थिक कुप्रबंधन: पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था ‘फ्रेजाइल फाइव’ (Fragile Five) में गिनी जाती थी। भ्रष्टाचार और नीतिगत पंगुता (Policy Paralysis) के कारण विदेशी निवेशक भारत से कतराते थे।
  • अधूरी डील: उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए के समय कई व्यापारिक वार्ताएं केवल इसलिए विफल हो गईं क्योंकि सरकार के पास स्पष्ट विजन की कमी थी और वे देश के हितों की रक्षा करने में घबराते थे।
  • बदली हुई छवि: पीएम ने कहा कि अब वह समय बीत चुका है जब भारत केवल एक बाजार के रूप में देखा जाता था; आज भारत एक ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनने की दिशा में अग्रसर है।

आत्मविश्वास से भरा नया भारत: ट्रेड डील के नए मानक

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते किए हैं:

  1. समानता का आधार: आज भारत किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने हितों को सर्वोपरि रखकर ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) कर रहा है। यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए हालिया समझौते इसका बड़ा उदाहरण हैं।
  2. तेजी से निर्णय: पीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार में फाइलें अटकी नहीं रहतीं। हम व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे विदेशी निवेश (FDI) रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रहा है।
  3. आत्मनिर्भरता का संकल्प: उन्होंने कहा कि हमारी ट्रेड डील का उद्देश्य केवल आयात करना नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादों (Made in India) को दुनिया के बाजारों तक पहुँचाना है।

ग्लोबल सप्लाई चेन और भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिदृश्य में भारत की बढ़ती धमक का जिक्र करते हुए कहा:

  • भरोसेमंद पार्टनर: दुनिया अब चीन के विकल्प की तलाश में है और भारत अपनी लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थिर नीतियों के कारण एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभरा है।
  • युवा शक्ति: पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ और डिजिटल बुनियादी ढांचा हमारी सबसे बड़ी ताकत है, जो व्यापारिक समझौतों को सफल बनाने में मदद करती है।

Popular Articles