Friday, February 13, 2026

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बिजली चोरी पर सीएम धामी का कड़ा प्रहार: बोले- ‘राजस्व को चूना लगाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे’; लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बढ़ती बिजली चोरी की घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाली बिजली चोरी पर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में बिजली चोरी की घटनाएं पाई जाती हैं और वहां के संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस तेवर के बाद ऊर्जा निगम (UPCL) के भीतर हड़कंप मच गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश: फील्ड रिपोर्ट और जवाबदेही तय

सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सीएम धामी ने ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • निरीक्षण में तेजी: मुख्यमंत्री ने विजिलेंस और ऊर्जा निगम की टीमों को निर्देश दिया है कि वे संवेदनशील इलाकों में औचक छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान चलाएं।
  • अधिकारियों की जिम्मेदारी: जिस डिवीजन या सब-डिवीजन में लाइन लॉस (Line Loss) मानक से अधिक पाया जाएगा, वहां के अधिशासी अभियंता और एसडीओ की जवाबदेही तय की जाएगी।
  • पारदर्शिता और तकनीक: बिजली चोरी रोकने के लिए आधुनिक मीटरिंग तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करने पर जोर दिया गया है, ताकि बिजली लोड के अंतर को तुरंत पकड़ा जा सके।

राजस्व घाटे पर चिंता: ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली चोरी केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ भी अन्याय है:

  1. महंगी बिजली का कारण: बिजली चोरी के कारण होने वाले भारी घाटे की भरपाई अक्सर टैरिफ बढ़ाकर की जाती है, जिसका बोझ उन आम नागरिकों पर पड़ता है जो नियमित बिल भरते हैं।
  2. औद्योगिक क्षेत्रों पर नजर: सीएम ने विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करने को कहा है, जहाँ बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
  3. विजिलेंस सेल का सुदृढ़ीकरण: ऊर्जा विभाग की विजिलेंस विंग को अधिक सक्रिय बनाने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही पर ‘एक्शन’ की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अब केवल औपचारिकता से काम नहीं चलेगा:

  • निलंबन और विभागीय जांच: जो अधिकारी जानबूझकर चोरी की घटनाओं की अनदेखी करेंगे या स्थानीय मिलीभगत में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच (Internal Inquiry) शुरू की जाएगी।
  • जनता से अपील: सीएम ने जनता से भी अपील की है कि वे बिजली चोरी की जानकारी प्रशासन को दें, सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

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