Wednesday, February 11, 2026

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कनाडा के स्कूल में खूनखराबा: अंधाधुंध फायरिंग में 9 लोगों की मौत; पुलिस कार्रवाई में शूटर भी मारा गया

ओटावा/टोरंटो: कनाडा के एक स्कूल में उस समय चीख-पुकार मच गई जब एक बंदूकधारी ने छात्रों और शिक्षकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस भीषण हमले में 9 लोगों की जान चली गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई के बाद जवाबी फायरिंग में हमलावर (शूटर) भी मारा गया है। इस घटना ने पूरे कनाडा को झकझोर कर रख दिया है और देश की सख्त बंदूक नियंत्रण नीतियों (Gun Control Laws) पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।

वारदात का मंजर: क्लासरूम के भीतर मची अफरा-तफरी

चश्मदीदों और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हमलावर सुबह के समय स्कूल परिसर में दाखिल हुआ:

  • अंधाधुंध गोलीबारी: हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के गलियारों और क्लासरूम के भीतर मौजूद लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से छात्रों को छिपने का मौका तक नहीं मिला।
  • बचाव अभियान: गोलीबारी की सूचना मिलते ही ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ (RCMP) और विशेष स्वात (SWAT) टीमों ने स्कूल को चारों ओर से घेर लिया।
  • शूटर का अंत: पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हमलावर ढेर हो गया। पुलिस अब हमलावर की पहचान और उसके पीछे के मकसद की जांच कर रही है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और शोक की लहर

कनाडा के प्रधानमंत्री ने इस घटना को ‘राष्ट्रीय त्रासदी’ करार दिया है:

  1. सुरक्षा समीक्षा: सरकार ने देश भर के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आपातकालीन प्रोटोकॉल को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं।
  2. घायलों का इलाज: घायल छात्रों और स्टाफ को एयर-एंबुलेंस के जरिए नजदीकी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है, जहाँ कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
  3. मानसिक स्वास्थ्य सहायता: घटना के बाद सदमे में आए छात्रों और उनके परिवारों के लिए ‘काउंसलिंग’ और मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

बंदूक संस्कृति पर फिर उठा सवाल

कनाडा में इस तरह की सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) की घटनाएं अमेरिका की तुलना में काफी कम होती हैं, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं:

  • हथियार का स्रोत: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर ने प्रतिबंधित या लाइसेंस प्राप्त हथियार का उपयोग किया था और वह सुरक्षा घेरा तोड़कर स्कूल के भीतर कैसे प्रवेश कर गया।
  • सख्त कानून की मांग: मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समूहों ने सरकार से मांग की है कि हथियारों की बिक्री और उन तक पहुंच को और अधिक कठिन बनाया जाए।

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