Monday, February 9, 2026

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उत्तराखंड में मौसम ने बदली करवट: बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भारी बर्फबारी; निचले इलाकों में बढ़ी ठिठुरन, पर्यटकों के चेहरे खिले

देहरादून/चमोली: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने ठिठुरन बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में सीजन की ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फ की सफेद चादर बिछने के कारण पूरी घाटी चांदी की तरह चमकने लगी है। जहाँ एक ओर पहाड़ों में बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।

ऊंचाई वाले इलाकों का हाल: बर्फ की आगोश में धाम

चमोली जिले के उच्च शिखरों पर शनिवार देर रात से ही मौसम खराब था, जिसके बाद रविवार सुबह से ही बर्फबारी शुरू हो गई:

  • बदरीनाथ धाम: धाम के चारों ओर स्थित पहाड़ियों (नर और नारायण पर्वत) पर दो से तीन इंच तक बर्फ जम चुकी है। मंदिर परिसर के आसपास का नजारा बेहद विहंगम हो गया है।
  • हेमकुंड साहिब: सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में भी भारी बर्फबारी हुई है। यहाँ तापमान शून्य से नीचे (Minus) चला गया है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
  • नीति-माना घाटी: भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत गांवों में भी हल्की बर्फबारी की सूचना है, जिससे स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मैदानी इलाकों पर असर: शीतलहर की चेतावनी

पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर उत्तराखंड के मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर पर भी पड़ा है:

  1. पारे में गिरावट: ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है।
  2. हल्की बूंदाबांदी: मौसम विभाग (IMD) ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है, जिससे ठंड और बढ़ने की आशंका है।
  3. कोहरे का साया: सुबह और रात के समय मैदानी इलाकों में धुंध और कोहरा बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है।

पर्यटन और कृषि पर प्रभाव

मौसम के इस बदलाव ने अलग-अलग वर्गों के लिए अलग संकेत दिए हैं:

  • पर्यटकों की मौज: बर्फबारी की खबर मिलते ही औली और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ गई है। लोग इस ‘विंटर वंडरलैंड’ का अनुभव लेने के लिए पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं।
  • किसानों की चिंता: बेमौसम या अधिक बर्फबारी से कुछ नकदी फसलों को नुकसान हो सकता है, हालांकि रबी की फसल के लिए हल्की बारिश को फायदेमंद माना जा रहा है।
  • प्रशासन अलर्ट: जिला प्रशासन ने बदरीनाथ हाईवे और अन्य संवेदनशील मार्गों पर पाला (Frost) जमने की स्थिति में मशीनों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।

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