देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति के दिग्गज और अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही टिकट की खींचतान के बीच हरक सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को दो टूक नसीहत दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि केवल दिल्ली दरबार के चक्कर काटने या राहुल गांधी की सिफारिश लाने से किसी को चुनाव का टिकट नहीं मिल जाएगा। हरक सिंह के मुताबिक, पार्टी को केवल उन्हीं चेहरों पर दांव खेलना चाहिए जिनके पास जमीन पर ‘जिताऊ’ (Winability) होने का दम है।
हरक सिंह के बयान के मुख्य बिंदु: आखिर क्यों भड़के दिग्गज नेता?
देहरादून में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान हरक सिंह रावत ने संगठन और टिकट के दावेदारों पर तीखे प्रहार किए:
- सिफारिशी संस्कृति पर हमला: हरक सिंह ने कहा कि कुछ नेता अपनी पूरी ऊर्जा आलाकमान को खुश करने में लगा रहे हैं, जबकि उन्हें अपने क्षेत्र की जनता के बीच होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिफारिश से टिकट तो मिल सकता है, लेकिन चुनाव नहीं जीता जा सकता।
- जीतने की क्षमता (Winability) सर्वोपरि: उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव युद्ध की तरह है और युद्ध में केवल उन्हीं सेनापतियों को उतारा जाता है जो जीतने का माद्दा रखते हों। पार्टी को सर्वे और जमीनी हकीकत के आधार पर ही प्रत्याशी तय करने चाहिए।
- अनुभव की अनदेखी न हो: उनके बयान को पार्टी के भीतर पुराने बनाम नए नेताओं की जंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अनुभवी नेताओं की उपेक्षा पार्टी को भारी पड़ सकती है।
कांग्रेस के भीतर मची हलचल
हरक सिंह रावत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी और प्रदेश नेतृत्व के बीच मंथन जारी है:
- गुटबाजी की आहट: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हरक सिंह का यह बयान उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं या जो केवल पैरवी के दम पर चुनाव लड़ने का सपना देख रहे हैं।
- संगठन पर दबाव: इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है कि वह टिकट वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखे।
- आक्रामक रणनीति: हरक सिंह खुद को एक बड़े रणनीतिकार के रूप में पेश कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी राय को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
विरोधियों के निशाने पर हरक
हरक सिंह के इस बयान पर भाजपा ने भी तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि कांग्रेस में सिर-फुटौवल की स्थिति है और वहां कोई भी नेता एक-दूसरे को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। वहीं, कांग्रेस के आधिकारिक सूत्रों ने इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी में लोकतंत्र है और हर किसी को अपनी राय रखने का हक है, लेकिन अंतिम निर्णय आलाकमान ही लेगा।





